Thursday, August 11, 2011

‘संस्कार’ अंक हेतु प्रकाशन सामग्री आमंत्रित

हम सब साथ साथ पत्रिका का नवंबर-दिसंबर,2011 अंक ‘संस्कार’ अंक होगा। इसके लिए रचनाकारों से देश और विदेशों में कल और वर्तमान के अच्छे-बुरे संस्कार, समाज पर उनका प्रभाव, संस्कारों से देश, समाज व लोगों की पहचान, उनका रूप, उनकी स्थिति, दशा, दिशा, लाभ-हानि, आदि को केंद्र में रखकर सरगर्भित व चिंतन-मनन योग्य स्वरचित व अप्रकाशित मुद्दा आधारित लेख, कहानी, लघुकथा, कविता, गीत व ग़ज़ल आदि आमंत्रित हैं। इस अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘हमारे संस्कार हमें कितना आगे ले जाते हैं और कितना पीछे’ विषय पर संक्षिप्त व सारगर्भित विचार भी फोटो सहित दिनांकः 30.9.2011 तक प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। 
इस पत्रिका को पहली बार सामग्री भेजने वाले रचनाकार आपना फोटो, परिचय भी प्रेषित करें। 
पताः हम सब साथ साथ, 916- बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली-110008
ईमेलः humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com     मोः 9868709348

Sunday, July 24, 2011

मैत्री शिविर का आयोजन

"हम सब साथ साथ" द्वारा मैत्री-भाईचारे, पारस्परिक सौहार्द एवं प्रतिभाओं को उचित मंच व मान देने के अपने उद्वेश्यों की पूर्ति हेतु आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के क्रम में इस बार अपने सहयोगी प्रकाशन ‘राष्ट्रकिंकर’ के साथ मिलकर फेसबुक पर जुड़े अपने अनेक मित्रों की मांग पर एक मनोरंजक चाय पार्टी का आयोजन कर रहा है।
इसमें सदस्यगण एक-दूसरे से परिचित तो होंगे ही फेसबुक के अपने खट्टे-मीठे अनुभवों को भी बांटेंगे। और हां, श्रेष्ठ अनुभवों को हम सम्मानित भी करेंगे। कोई अपनी अच्छी कविता पढ़ना या गीत गाना चाहे तो उसका भी स्वागत रहेगा।
इसमें दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य जगहों के मित्रगण भी सुविधानुसार शामिल हो सकेंगे। पर आपको अपना नाम/ईमेल/मो. नं. और प्रस्तुत करने वाली सामग्री (यदि कोई हो) हमें पहले बतानी होगी।
केवल पूर्व स्वीकृत अनुभवों आदि को ही सुनाने की सुविधा रहेगी। कार्यक्रम स्थल की निश्चित सूचना आपका नाम प्राप्त होने पर आपको भेज दी जाएगी। इसमें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। 

Mo. हम सब साथ साथ-9868709348, राष्ट्रकिंकर-9868211911

समय:14 अगस्त,2011 · 14:30 to 18:00

स्थान:
उत्तम नगर, मैट्रो स्टेशन के पास, नई दिल्ली

 


Monday, July 11, 2011

वृद्धावस्था पर केंद्रित रचनाएं आमंत्रितः

हम सब साथ साथ पत्रिका का सितंबर-अक्तूबर, 2011 अंक ‘‘वृद्धावस्था’’ पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए समाज मे बुजुर्गों की कल और आज की स्थिति, उनका महत्व, मान-अपमान, समाज व परिवार का उनके प्रति व उनका दूसरों के प्रति नज़रिया आदि को केंद्र में रखकर लिखी गई सारगर्भित व चिंतन-मनन योग्य उत्कृष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘वृद्धावस्था अभिशाप या वरदान ?’ विषय पर सारगर्भित विचार गद्य (250 शब्दों में) या पद्य (150 शब्दों में पासपोर्ट आकार के साफ फोटोग्राफ सहित प्रेषित करें। ‘हम सब साथ साथ’ को पहली बार अपनी रचनाएं भेजते समय कृपया अपना परिचय व पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ अवश्य भेजें। रचनाएं डाक व ईमेल किसी भी माध्यम् से भेजी जा सकती हैं। रचनाएं डाक से भेजें तो कृप्या लिफाफे पर ‘‘वृद्धावस्था अंक, 2011’’लिखें।
अंतिम तिथिः 30 जुलाई, 2011
निर्णय की सूचना या रचना की वापसी हेतु जवाबी पोस्टकार्ड/लिफाफा संलग्न किया जा सकता है।
पताः संपादक-हम सब साथ साथ पत्रिका, 916, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348 एवं 9716654047
email: humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com

Wednesday, May 11, 2011

तृतीय स्व. मिथलेश-रामेश्वर प्रतिभा सम्मान, 2011





उपर्युक्त सम्मान योजना के अंतर्गत इस वर्ष ये सम्मान बाल साहित्य एवं कार्टून विधा में देने का प्रस्ताव है। इसके लिए बाल साहित्य एवं कार्टून के क्षेत्र में विगत कम से कम 20 वर्षों से संलग्न व उल्लेखनीय उपलब्धिधारक मौलिक प्रतिभाएं अपनी श्रेष्ठ कृतियों (मूल)/प्रकाशित रचनाओं (अलग-अलग वर्षों की कम से कम 20 श्रेष्ठ रचनाओं/कार्टूनों की फोटो प्रति) के साथ अपनी प्रविष्टि स्वयं के पूर्ण विवरण, फोटो, एक स्वयं का पता लिखा जवाबी लिफाफा व पोस्टकार्ड के साथ 16 अगस्त, 2011 तक नीचे दिए गए पते पर प्रेषित करें। यह सम्मान एक कार्यक्रम के दौरान झॉंसी या दिल्ली में सितंबर/अक्तूबर,11 माह में प्रदान किया जाएगा। इसके लिए केवल वही प्रतिभाएं अपनी प्रविष्टि प्रेषित करें जो स्वयं कार्यक्रम में पहुंचकर अपना सम्मान ले सकें। जिन प्रतिभाओं को हम सब साथ साथ का पहले ही कोई सम्मान प्राप्त हो चुका हो वे कृपया इसके लिए अपनी प्रविष्टि प्रेषित न करें। यह योजना निःशुल्क है। इसमें निर्णायकों का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा। प्रविष्टि भेजते समय प्रविष्टि के लिफाफे पर ऊपर कोने में ‘स्व. मिथलेश-रामेश्वर सम्मान’ अवश्य लिखें।

प्रविष्टि भेजने का पताः
एस. श्रीवास्तव,
संपादक- हम सब साथ साथ पत्रिका,
916, बाबा फरीदपुरी, पश्चिमी पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348, 8447673015, 9716654047 

email: humsabsathsath@gmail.com

Wednesday, March 23, 2011

अंधविश्वास व समाज में व्याप्त ढकोसलों पर रचनाएं आमंत्रित:

हम सब साथ साथ पत्रिका का जुलाई-अगस्त, 2011 अंक अंधविश्वास व समाज में व्याप्त ढकोसलों पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए इनकी कल और आज की स्थिति, तीज-त्यौहारों, विभिन्न धर्म, संप्रदायों में अंधविश्वास/ढकोसलों का स्थान, समाज पर उनका प्रभाव एवं दुष्परिणामों आदि पर केंद्रित सारगर्भित व चिंतन-मनन योग्य उत्कष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘क्यों हैं अंधविश्वास व ढकोसले हमारे जीवन के संगी-साथी?’ विषय पर सारगर्भित विचार गद्य (250 शब्दों में) या पद्य (150 शब्दों में पासपोर्ट आकार के साफ फोटोग्राफ सहित प्रेषित करें। ‘हम सब साथ साथ’ को पहली बार अपनी रचनाएं भेजते समय कृपया अपना परिचय व पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ अवश्य भेजें।
अंतिम तिथिः 30 मई, 2011
निर्णय की सूचना या रचना की वापसी हेतु जवाबी पोस्टकार्ड/ लिफाफा संलग्न
किया जा सकता है।
पताः संपादक-हम सब साथ साथ पत्रिका, 916, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348 एवं 9716654047
email: humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com



Tuesday, February 22, 2011

रचनाएं आमंत्रित

हम सब साथ साथ पत्रिका के स्त्री-पुरुष संबंधों पर आधारित may -june ,2011 अंक हेतु स्त्री-पुरुष संबंधों की कल और आज की स्थिति/दशा-दिशा, शास्वत प्रेम संबंध आदि के संदर्भ में स्वरचित, मौलिक व अप्रकाशित चिंतन-मनन योग्य उत्कृष्ट रचनाएं (मुद्दा आधारित लेख, कविता, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य आदि) 20 march, 2011 तक आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘लिव इन रिलेशनशिपः कितना नफा, कितना नुकसान’ विषय पर पाठकों/लेखकों के सारगर्भित विचार भी आमंत्रित हैं। इस पत्रिका को पहली बार अपनी रचनाएं भेजते समय रचनाकार अपना फोटो व परिचय भी अवश्य प्रेषित करें। इमेल- humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com


Wednesday, January 12, 2011

राष्ट्र-किंकर के संस्कृति सम्मान समारोह में सम्मानित हुए हम सब साथ साथ के अनेक सदस्य

विक्रमशिला विद्यापीठ द्वारा प्रदत्त भाषा रत्न की मानद उपाधि

प्राप्त करते किशोर श्रीवास्तव

महापौर से राष्ट्र-किंकर सम्मान ग्रहण करतीं सुषमा भंडारी

सुरजीत सिंह जोबन का स्वागत करते हुए

मदन लाल श्रीवास्तव
नई दिल्ली। यहां मकर संक्रांति के शुभ पर्व पर हमेशा की तरह इस बार भी ‘हम सब साथ साथ’ की सहयोगी साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘राष्ट्र-किंकर’ द्वारा संस्कृति सम्मान समारोह पूरी गरिमा व भव्यता के साथ मनाया गया। इसमें देश-विदेश से पधारे विद्वानों ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि गुजरात से पधारे स्वामी डॉ. गौरांगशरण देवाचार्य तथा दिल्ली के महापौर श्री पृथ्वीराज साहनी ने संस्कृति सम्मान प्रदान करते हुए भारतीय संस्कृति के विश्वव्यापी प्रभावों की चर्चा करते हुए उसे सर्वाधिक वैज्ञानिक बताया। उन्होंने युवाओं विशेष रूप से बढ़ते बच्चों पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। समारोह के अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के सिद्धहस्त शिल्पी श्री गिर्राजप्रसाद एवं विशिष्ट अतिथि दिल्ली सरकार की भोजपुरी अकादमी के माननीय सदस्य प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव व आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री ने अपने विशिष्ट अंदाज में स्वयं को तथाकथित मार्डन घोषित करने वालो तथा मीडिया के एक वर्ग द्वारा सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाने की आलोचना करते हुए देश के बुद्धिजीवी वर्ग से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इससे पूर्व गायत्री परिवार की शाखा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रदेश संयोजक श्री खैराती लाल सचदेवा ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद देश के कोने से कोने से पधारे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था के साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यों की जानकारी दी।

राष्ट्र-किंकर एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की ओर से हर वर्ष मकर-संक्रांति के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले संस्कृति सम्मान वैदिक विद्वान प्रो. डा. सुन्दरलाल कथूरिया एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. देवेन्द्र आर्य सहित हम सब साथ साथ के सदस्यों सर्वश्री प्रो. शरदनारायण खरे, मंडला, शिलांग के डॉ. अकेला भाई, दिल्ली की श्रीमती सुषमा भंडारी को प्रदान किया गया। इस अवसर पर विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों को हाल ही में प्रदत्त मानित उपाधियां भी राष्ट्र किंकर द्वारा उपर्युक्त मंच से प्रदान की गईं जिनमें हम सब साथ साथ के सदस्यों सर्वश्री अखिलेश द्विवेदी, दिल्ली, डा. शमीम देवबन्दी, देवबंद एवं किशोर श्रीवास्तव, दिल्ली के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

इसी अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में सर्वश्री महेन्द्रपाल काम्बोज, श्री गोपाल नारसन (रूड़की), नंदलाल रसिक, डॉ. सुरजीत सिंह जोबन, सुषमा भंडारी, शोभा रस्तौगी, रशीद सैदपुरी एवं किशोर श्रीवास्तव (दिल्ली) ने अपनी काव्य रचनाओं व ओजस्वी वाणी से खूब समा बांधा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीपयज्ञ के पश्चात रेड रोज पब्लिक स्कूल रामा पार्क के नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा वंदेमातरम् से हुआ।


कार्यक्रम का संचालन राष्ट्र-किंकर के संपादक एव ‘हम सब साथ साथ’ के सलाहकार श्री विनोद बब्बर ने अत्यन्त रोचक व मनोरंजक शैली में किया। समस्त कार्यक्रम इतना लुभावना था कि भारी ठंड के बावजूद श्रोतागण अंत तक अपनी कुर्सियों से चिपके रहे।


-रिपोर्ट: द्वारा लाल बिहारी लाल (मीडिया प्रभारी), हससासा, नई दिल्ली