Thursday, November 18, 2010

अनेक कार्यक्रमों के साथ खरी-खरी प्रदर्शनी का बेलगाम में आयोजन






 
बेलगाम (कर्नाटक)। यहाँ राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक/साहित्यिक व सामाजिक संस्था शिक्षक विकास परिषद, गोवा द्वारा एक दिवसीय सम्मान समारोह के साथ ही विभिन्न साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इसमें देश भर से पधारे सैकड़ों साहित्यकारों, शिक्षकों और समाज सेवियों आदि ने भाग लेकर अपने विचार व कलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी। समारोह के प्रथम सत्र का शुभारम्भ मुख्य व विशिष्ट अतिथियों सर्वश्री डा. सी. के. कोकटे (कुलपति, केएलई विवि, बेलगाम), ले. कर्नल राज शुक्ला, डा. एकरूप कौर, डा. विनोद गायकवाड़, लक्ष्मी एस जोग एवं डा. जयशंकर यादव द्वारा द्वीप प्रज्जवलित करके हुआ। इसके पश्चात स्थानीय स्कूली बच्चों ने गीत एवं नृत्य की सुंदर प्रस्तुतिया दीं। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों की चित्र प्रदर्शनी के साथ ही दिल्ली के श्री किशोर श्रीवास्तव की 25 वें वर्ष में चल रही जन चेतना कार्टून पोस्टर प्रदर्शनी ‘खरी-खरी’ का प्रदर्शन भी किया गया। समारोह के दौरान सर्वश्री दिनेश चंद्र दुबे (ग्वालियर), डा. तारा सिंह (मंुबई), राजेश पुरोहित (राजस्थान), किसान दिवान (छत्तीसगढ़), देवेन्द्र मिश्र (म.प्र.), नमिता राकेश (फरीदाबाद) एवं अखिलेश द्विवेदी अकेला व किशोर श्रीवास्तव (दिल्ली) सहित देश भर से चयनित साहित्य, संगीत, चित्रकला एवं शिक्षा क्षेत्र की अनेक हस्तियों को क्रमशः राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय समाज भूषण, साहित्य भूषण एवं शिक्षक भूषण अवार्ड प्रदान किए गए। इस अवसर पर डा. तारा सिंह, किशोर एवं राजेश पुरोहित आदि ने अपनी साहित्यिक कलाओं का प्रदर्शन भी किया। समस्त कार्यक्रमों का संयोजन शिक्षक विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश वी. कुलकर्णी ने किया।


प्रस्तुतिः लाल बिहारी लाल (मीडिया प्रभारी-हम सब साथ साथ)

Monday, November 15, 2010

प्रकाशन सामग्री आमंत्रित

हम सब साथ साथ पत्रिका का जनवरी-फरवरी,2011 अंक देश प्रेम व राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए उपर्युक्त विषयों पर पत्रिका के नियमों, स्तंभों व तेवर के अनुरूप लिखी गई सारगर्भित व चिंतन-मनन योग्य उत्कृष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतुः "अनेकता में एकता’ कल्पना या हकीकत?" विषय पर लेखक/पाठक अपने सारगर्भित विचार कागज के एक ओर साफ-साफ लिखकर, गद्य (250 शब्दों में) या पद्य (150 शब्दों में) पासपोर्ट आकार के साफ फोटोग्राफ सहित प्रेषित कर सकते हैं। हम सब साथ साथ को पहनी बार अपनी रचनाएं भेजने वाले रचनाकार रचनाओं के साथ अपना फोटो/परिचय भी प्रेषित करें। रचनाएं ईमेल द्वारा कृतिदेव फॉन्ट में में भी भेजी जा सकती हैं। प्रकाशन सामग्री 30 नवम्बर, 2010 तक हससासा के पते पर प्रेषित की जा सकती है।
 
संपर्क का पताः संपादक- हम सब साथ साथ पत्रिका,
916-बाबा फरीदपुरी, पष्चिमी पटेल नगर, नई दिल्ली-110008
 
Ph. 011-24568464 Mo. 9868709348,9868709348 9716654047, 9971070545
 

Thursday, November 4, 2010

अखिल भारतीय लघुकथा सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन

नई दिल्ली। यहॉं नई दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका हम सब साथ साथ द्वारा देश भर से चयनित दो दर्जन से अधिक युवा एवं 80 वर्ष से भी अधिक आयु तक के लघुकथाकारों को एक ही मंच पर इकट्ठा कर उनकी श्रेष्ठ लघुकथाओं के पाठ व उनको सम्मानित किए जाने का एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह सब हुआ प्रख्यात साहित्यकार श्रीमती चित्रा मुद्गल के मुख्य आतिथ्य, कैपिटल रिपोर्टर के संपादक श्री सुरजीत सिंह जोबन की अध्यक्षता एवं लब्ध प्रतिष्ठित कथाकार श्री बलराम व व्यवसायी श्री ए. पी. सक्सेना के विशिष्ट आतिथ्य में। इस अवसर पर श्रीमती चित्रा मुद्गल ने हम सब साथ साथ पत्रिका के इस कदम की सराहना करते हुए लघुकथा के विकास पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इसकी दशा व दिशा दोनों ही ठीक है। अब भावी पीढ़ी का दायित्व है कि वे इसे कहाँ तक ले जाते हैं। श्री जोबन ने कहा कि लघुकथा अपने आप में संपूर्ण
कहानी समाहित किए हुए रहती है। इसके पूर्व सम्मेलन की शुरूआत रेडियो सिंगर श्रीमती सुधा उपाध्याय की सरस्वती वंदना से हुई तत्पश्चात् कथाकार श्री बलराम ने लघुकथा के विका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लघुकथा आज विकासोन्मुख है। सम्मेलन हेतु उ.प्र., म.प्र., राजस्थान, हरियाणा, उत्तराख्ड, प. बंगाल एवं दिल्ली आदि से दो दर्जन से भी अधिक लघुकथाकारों को चयनित किया गया
था। जिसमें से सम्मेलन में उपस्थित लघुकथाकारों ने अपनी श्रेष्ठ लघुकथाओं का पाठ किया और उसके पश्चात् उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र, पुस्तकें प्रदान कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
          लघुकथा पाठ एवं सम्मान हेतु चयनित वरिष्ठ लघुकथाकारों में सर्वश्री मो. मुइनुद्दीन अतहर, सनातन वाजपेयी, के. एल. दिवान, मनोहर शर्मा, देवेन्द्र नाथ शाह, सत्यपाल निश्चिंत, गणेश प्रसाद महतो, राम बहादुर व्यथित, प्रदीप शशांक तेजिन्द्र, माला वर्मा, अकेला भाइ, शरदनारायण खरे, दिनेश कुमार छाजेड़ आरती वर्मा, गीता गीत, देवांशु पाल, ज्योति जैन, नंदलाल भारती, एम. अशफा कादरी एवं युवा लघुकथाकारों में सर्वश्री महावीर रवांल्टा, संतोष सुपेकर शोभा रस्तोगी, समद राही, नरेन्द्र कुमार गौड़, कैलाशचंद्र जोशी, पंक शर्मा एवं लाल बिहारी लाल के नाम उल्लेखनीय रहे।
          समारोह का सफल संचालन सर्वश्री विनोद बब्बर एवं विवेक मिश्र ने किया एव
          आभार पत्रिका के कार्यकारी संपादक श्री किशोर श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।




 - प्रस्तुतिः इरफान राही, (मीडिया प्रभारी) मो. 9971070545

 द्वारा, हम सब साथ साथ पत्रिका, 916, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई
 दिल्ली-110008
 Mo. 9868709348, 9968396832

Wednesday, October 13, 2010

आमंत्रणः


अ. भा. लघुकथा सम्मेलन व सम्मान समारोह,2010

 
दिनांक एवं समयः २३ अक्तूबर २०१० को सायं ५.३० से ८.३० चायः ५.०० बजे


स्थानः गाँधी शांति प्रतिष्ठान, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग,
(तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन के बगल में, आईटीओ चौक के पास), नईदिल्ली-२

नोटः उपर्युक्त समारोह में दिल्ली सहित उ.प्र., हरियाणा, बिहार, म.प्र., छत्तीसगढ, प. बंगाल एवं राजस्थान आदि प्रदेशों के दो दर्जन से भी अधिक वरिष्ठ लघुकथाकारो के भाग लेने की संभावना है। इसमें उनकी लघुकथा के पाठ के साथ ही उन्हें लघुकथा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

आयोजक: हम सब साथ साथ, नई दिल्ली मो. ९८६८७०९३४८, ९९६८३९६८३२
सहयोगी प्रकाशनः राष्ट्रकिंकर (साप्ताहिक) एवं कैपिटल रिपोर्टर (मासिक), नई दिल्ली

Thursday, September 16, 2010

रचनाएं आमंत्रितः

हम सब साथ साथ का अगला अंक ‘बचपन’ पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए बच्चों की कल-आज की स्थिति, मनोदशा, सामाजिकता, उनकी प्रतिभा, उनके आपसी व बड़ों के साथ संबंधों/आचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखते हुए चिंतन-मनन योग्य स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित उत्कृष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा आधारित लेख, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य व कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इस अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘बच्चों से बड़ों जैसे कारनामों की चाह लाभदायक या खतरनाक’ विषय पर संक्षिप्त व सारगर्भित विचार फोटो सहित आमंत्रित हैं। इस पत्रिका को पहली बार रचनाएं भेजते समय रचनाकार अपना फोटो/परिचय भी अवश्य भेजें। रचनाएं प्राप्त होने की अंतिम तिथिः 30 सितंबर,2010
नोटः रचनाएं कृतिदेव फान्ट या यूनीकोड में भेजें।
ईमेलः humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com

Friday, September 10, 2010

युवा कवियों को निमंत्रणः

अपीलः हिन्दी में अच्छी कविता लिखने व मंच पर पढ़ सकने वाले युवा (दिल्ली व एनसीआर में रहने वाले) कवि/कवयित्रियां एक काव्य संगोष्ठी में भाग लेने के लिए संपर्क(9868709348) कर सकते हैं।

Monday, August 30, 2010

परम पूज्यनीय मॉं स्व. श्रीमती मिथलेश एवं पिता स्व. श्री रामेश्वर नारायण श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में...

उपर्युक्त सम्मान योजना के अंतर्गत ऐसी मौलिक व अव्यवसायिक प्रतिभाओं से निःशुल्क प्रविष्टियॉं आमंत्रित हैं जिन्होंने साहित्य, पत्रकारिता, संगीत, रंगमंच, चित्रकारी आदि कला के किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए उपर्युक्त किसी क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई हो। यह सम्मान 21 वर्ष से ऊपर आयु के एक पुरुष एवं एक महिला प्रतिभा के लिए है। इसमें शामिल होने के लिए प्रतिभाओं से उनका संपूर्ण जीवनवृत्त, पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ, प्राप्त प्रमाणपत्रों एवं उनके कार्यक्रमों/गतिविधियों से संबंधित समाचारों/फोटोग्राफ्स (यदि कोई हों) की फोटो प्रतियों आदि के साथ आमंत्रित हैं। प्रतिभागीगण अपनी प्रविष्टि के साथ अपना पता लिखा व टिकट लगा एक जवाबी लिफाफा व एक पोस्टकार्ड भी प्रेषित करें। सम्मानों का निर्णय एक समिति द्वारा किया जाएगा जिसका निर्णय सभी को मान्य होगा।
 
प्रविष्टियॉं प्राप्त होने की अंतिम तिथिः 10 अक्तूबर, 2010

नोटः उपर्युक्त सम्मानों का वितरण संभवतः 28 नवंबर, 2010 को झॉंसी, उ. प्र. में आयोजित चित्रांश ज्योति (कायस्थ समाज की पत्रिका) के वार्षिक समारोह के अवसर पर किया जाएगा। सम्मान प्रतिभागी के समारोह में स्वयं उपस्थित होने पर ही प्रदान किया जाएगा।
पताः श्री अरुण श्रीवास्तव (संयोजक/संपादक),
द्वारा, हम सब साथ साथ पत्रिका, 916-बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली-110008
मो. 9868709348 एवं 9968396832