Thursday, September 15, 2011

‘हम सब साथ साथ’ के अनेक सदस्यों को मिला पंचवटी राष्ट्रभाषा सम्मान





नई दिल्ली। यहां पंचवटी लोकसेवा समिति (पंजीकृत) द्वारा ं हिन्दी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के पश्चात राष्ट्र-भाषा हिन्दी के संवर्द्धन में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 11 विद्वानों एवं सी.बी.एस.ई. की परीक्षा में 90 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 50 से अधिक छात्रों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के भाषा सलाहकार रहे डॉ. परमानंद पांचाल, विशिष्ट अतिथि हिन्दी संस्थान के अध्यक्ष रहे प्रो. नित्यानंद पाण्डेय एवं अध्यक्ष थे विवेकानंद मिशन के संचालक स्वामी विवेक भारती तथा पंचवटी लोकसेवा समिति के संरक्षक श्री अम्बरीश कुमार। समारोह के दौरान राष्ट्रभाषा हिंदी की उत्कृष्ट सेवा के लिए जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें ‘हम सब साथ साथ’ पत्रिका परिवार के सदस्यों सर्वश्री बीकानेर के अशफाक कादरी, मेरठ के शिवानंद सिंह सहयोगी, दिल्ली की शोभा रस्तोगी, अशोक कुमार, भवानीमंडी के राजेश पुरोहित एवं वाराणसी की डॉ. प्रेरणा दुबे सहित पदमश्री डॉ. रविन्द्र कुमार, सोनीपत हिन्दू कालेज के डीन. प्रो. ओमीश परुथी, अमलनेर, महाराष्ट्र के डॉ. सुरेश महेश्वरी,, असम विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ. शुभदा पाण्डेय  के नाम उल्लेखनीय हैं। इस अवसर पर देवबंद के पत्रकार श्री ओमवीर सिंह को पत्रकार गौरव-सम्मान भी प्रदान किया गया।

समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि डॉ. परमानंद पांचाल ने राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति हमारी निक्रियता तथा अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार तथा आम जनता से हिन्दी के विकास पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने पंचवटी लोकसेवा समिति द्वारा राष्ट्रभाषा  को प्रोत्साहित करने की सराहना करते हुए सभी सम्मानित छात्रों एवं साहित्यकारों के प्रति अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। विशिष्ट अतिथि प्रो. नित्यानंद पाण्डेय ने भाषा के लिए सभी को आत्मचिंतन की सलाह दी तो अध्यक्षता कर रहे  स्वामी विवेक भारती ने 11 सितम्बर को आचार्य विनोबा भावे की जयन्ती, अमेरिका में ट्विन टावर विनाश, के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद जी द्वारा शिकागों में किये गये उद्घोष दिवस की जानकारी देते हुए सभी से हिन्दी में ही हस्ताक्षर करने का संकल्प लेने का आह्वान किया तो समारोह में उपस्थित सैंकड़ों हिन्दी प्रेमियों ने करतल ध्वनि से उनका अनुसरण करने की पुष्टि की।  इस अवसर पर डॉ. विनोद बब्बर के सद्य प्रकाशित कहानी संग्रह ’फटा कोट’ तथा श्री चंदुलाल भदौरिया के काव्य संग्रह ‘सरसपान’ तथा ‘अर्पित श्रद्धा-अर्पित स्वर’ का लोकार्पण भी किया गया।

कविसम्मेलन का आगाज गीतकार नंदलाल ‘रसिक’ के सुमधुर स्वर से हुआ जिसमें श्री अमरेन्दर कुमार, डॉ. चन्द्रसेन (हिन्दी अकादमी), श्री सत्यदेव हरियाणी, श्री विनोद बंसल, श्री जितेन्द्र कुमार, श्री प्रद्युम्मन, प्रो. ओमीश परुथी सहित अनेक कवियों ने हिन्दी तथा हिन्दुस्तान का महिमागान करते हुए अपनी श्रेष्ठ रचनाएं सुनाई तो श्री किशोर श्रीवास्तव द्वारा गीतमय मिमिक्री कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। 
-रपटः लाल बिहारी लाल, नई दिल्ली

Tuesday, August 16, 2011

प्रथम फेसबुक मैत्री शिविर व संगोष्ठी आयोजित की गई...




नई दिल्ली। यहाँ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हम सब साथ साथ एवं राष्ट्रकिंकर प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित पहली फेसबुक मैत्री शिविर व संगोष्ठी में दिल्ली एनसीआर सहित विभिन्न दूरदराज क्षेत्रों के अनेक लोगों ने शामिल होकर आपसी मैत्री व भाईचारे को प्रगाढ़ किया। शिविर के प्रारम्भ में नित्यप्रति फेसबुक के माध्यम से नेट पर मिलने वाले मित्रों ने एक-दूसरे को अपना परिचय दिया और उसके पश्चात् फेसबुक की उपयोगिता व अनुपयोगिता पर जाने-माने साहित्यकारों व पत्रकारों, सर्वश्री विनोद बब्बर, सुभाष चंदर, नमिता राकेश, रेनू चौहान एव डॉ. हरीश अरोड़ा ने अपने-अपने रोचक व ज्ञानवर्द्धक विचार प्रस्तुत किए। तत्पश्चात् भरतपुर से पधारे अपना घर के संयोजक श्री अशोक खत्री सहित अनेक मित्रों ने उपर्युक्त विषय पर विचार-विमर्श में भाग लेते हुए अपने-अपने खट्टे-मीठे व रोचक अनुभव सुनाए। अनेक मित्रगणों ने जहाँ अपनी बातों और अनुभवों से फेसबुक की उपयोगिता सिद्ध की वहीं कुछ लोगों ने फेसबुक पर फेक मित्रों व ओछी मानसिकता के लोगों से बचकर रहने की सलाह भी दी।
     इस अवसर पर आयोजित विभिन्न सत्रों में मित्रों ने जहाँ अनेक कवियों की कविताओं का लुत्फ उठाया वहीं कुछ गायकों की गायिकी का भी आनन्द लिया। कवियों में शामिल सर्वश्री विजय भाटिया ‘काका’, हरभजन सिंह, लाल बिहारी लाल, राम निवास ‘इंडिया’, शोभा रस्तोगी ‘शोभा’ एवं मंच पर पदासीन विशिष्ट अतिथियों आदि ने अपनी सुमधुर कविताएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। गीत, संगीत के सत्र में सर्वश्री किशोर वांकड़े के गीत, अशोक कुमार की पैरोडी व किशोर श्रीवास्तव की गीतों भरी मिमिक्री ने भी श्रोताओं को झूमने पर मज़बूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में युवा जादूगर श्री अमर सिंह निषाद ने अपनी जादूगरी के जल्वे दिखाकर श्रोताओं को दांतो तले उंगली दबाने पर मज़बूर कर दिया।
     शिविर व संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों का संचालन सर्वश्री विनोद बब्बर, नमिता राकेश व किशोर श्रीवास्तव ने अपने अनूठे व रोचक अंदाज़ में किया। अंत में विभिन्न प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
                      - प्रस्तुतिः लाल बिहारी लाल, नई दिल्ली, मो. 9868163073

Thursday, August 11, 2011

‘संस्कार’ अंक हेतु प्रकाशन सामग्री आमंत्रित

हम सब साथ साथ पत्रिका का नवंबर-दिसंबर,2011 अंक ‘संस्कार’ अंक होगा। इसके लिए रचनाकारों से देश और विदेशों में कल और वर्तमान के अच्छे-बुरे संस्कार, समाज पर उनका प्रभाव, संस्कारों से देश, समाज व लोगों की पहचान, उनका रूप, उनकी स्थिति, दशा, दिशा, लाभ-हानि, आदि को केंद्र में रखकर सरगर्भित व चिंतन-मनन योग्य स्वरचित व अप्रकाशित मुद्दा आधारित लेख, कहानी, लघुकथा, कविता, गीत व ग़ज़ल आदि आमंत्रित हैं। इस अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘हमारे संस्कार हमें कितना आगे ले जाते हैं और कितना पीछे’ विषय पर संक्षिप्त व सारगर्भित विचार भी फोटो सहित दिनांकः 30.9.2011 तक प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। 
इस पत्रिका को पहली बार सामग्री भेजने वाले रचनाकार आपना फोटो, परिचय भी प्रेषित करें। 
पताः हम सब साथ साथ, 916- बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली-110008
ईमेलः humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com     मोः 9868709348

Sunday, July 24, 2011

मैत्री शिविर का आयोजन

"हम सब साथ साथ" द्वारा मैत्री-भाईचारे, पारस्परिक सौहार्द एवं प्रतिभाओं को उचित मंच व मान देने के अपने उद्वेश्यों की पूर्ति हेतु आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के क्रम में इस बार अपने सहयोगी प्रकाशन ‘राष्ट्रकिंकर’ के साथ मिलकर फेसबुक पर जुड़े अपने अनेक मित्रों की मांग पर एक मनोरंजक चाय पार्टी का आयोजन कर रहा है।
इसमें सदस्यगण एक-दूसरे से परिचित तो होंगे ही फेसबुक के अपने खट्टे-मीठे अनुभवों को भी बांटेंगे। और हां, श्रेष्ठ अनुभवों को हम सम्मानित भी करेंगे। कोई अपनी अच्छी कविता पढ़ना या गीत गाना चाहे तो उसका भी स्वागत रहेगा।
इसमें दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य जगहों के मित्रगण भी सुविधानुसार शामिल हो सकेंगे। पर आपको अपना नाम/ईमेल/मो. नं. और प्रस्तुत करने वाली सामग्री (यदि कोई हो) हमें पहले बतानी होगी।
केवल पूर्व स्वीकृत अनुभवों आदि को ही सुनाने की सुविधा रहेगी। कार्यक्रम स्थल की निश्चित सूचना आपका नाम प्राप्त होने पर आपको भेज दी जाएगी। इसमें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। 

Mo. हम सब साथ साथ-9868709348, राष्ट्रकिंकर-9868211911

समय:14 अगस्त,2011 · 14:30 to 18:00

स्थान:
उत्तम नगर, मैट्रो स्टेशन के पास, नई दिल्ली

 


Monday, July 11, 2011

वृद्धावस्था पर केंद्रित रचनाएं आमंत्रितः

हम सब साथ साथ पत्रिका का सितंबर-अक्तूबर, 2011 अंक ‘‘वृद्धावस्था’’ पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए समाज मे बुजुर्गों की कल और आज की स्थिति, उनका महत्व, मान-अपमान, समाज व परिवार का उनके प्रति व उनका दूसरों के प्रति नज़रिया आदि को केंद्र में रखकर लिखी गई सारगर्भित व चिंतन-मनन योग्य उत्कृष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘वृद्धावस्था अभिशाप या वरदान ?’ विषय पर सारगर्भित विचार गद्य (250 शब्दों में) या पद्य (150 शब्दों में पासपोर्ट आकार के साफ फोटोग्राफ सहित प्रेषित करें। ‘हम सब साथ साथ’ को पहली बार अपनी रचनाएं भेजते समय कृपया अपना परिचय व पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ अवश्य भेजें। रचनाएं डाक व ईमेल किसी भी माध्यम् से भेजी जा सकती हैं। रचनाएं डाक से भेजें तो कृप्या लिफाफे पर ‘‘वृद्धावस्था अंक, 2011’’लिखें।
अंतिम तिथिः 30 जुलाई, 2011
निर्णय की सूचना या रचना की वापसी हेतु जवाबी पोस्टकार्ड/लिफाफा संलग्न किया जा सकता है।
पताः संपादक-हम सब साथ साथ पत्रिका, 916, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348 एवं 9716654047
email: humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com

Wednesday, May 11, 2011

तृतीय स्व. मिथलेश-रामेश्वर प्रतिभा सम्मान, 2011





उपर्युक्त सम्मान योजना के अंतर्गत इस वर्ष ये सम्मान बाल साहित्य एवं कार्टून विधा में देने का प्रस्ताव है। इसके लिए बाल साहित्य एवं कार्टून के क्षेत्र में विगत कम से कम 20 वर्षों से संलग्न व उल्लेखनीय उपलब्धिधारक मौलिक प्रतिभाएं अपनी श्रेष्ठ कृतियों (मूल)/प्रकाशित रचनाओं (अलग-अलग वर्षों की कम से कम 20 श्रेष्ठ रचनाओं/कार्टूनों की फोटो प्रति) के साथ अपनी प्रविष्टि स्वयं के पूर्ण विवरण, फोटो, एक स्वयं का पता लिखा जवाबी लिफाफा व पोस्टकार्ड के साथ 16 अगस्त, 2011 तक नीचे दिए गए पते पर प्रेषित करें। यह सम्मान एक कार्यक्रम के दौरान झॉंसी या दिल्ली में सितंबर/अक्तूबर,11 माह में प्रदान किया जाएगा। इसके लिए केवल वही प्रतिभाएं अपनी प्रविष्टि प्रेषित करें जो स्वयं कार्यक्रम में पहुंचकर अपना सम्मान ले सकें। जिन प्रतिभाओं को हम सब साथ साथ का पहले ही कोई सम्मान प्राप्त हो चुका हो वे कृपया इसके लिए अपनी प्रविष्टि प्रेषित न करें। यह योजना निःशुल्क है। इसमें निर्णायकों का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा। प्रविष्टि भेजते समय प्रविष्टि के लिफाफे पर ऊपर कोने में ‘स्व. मिथलेश-रामेश्वर सम्मान’ अवश्य लिखें।

प्रविष्टि भेजने का पताः
एस. श्रीवास्तव,
संपादक- हम सब साथ साथ पत्रिका,
916, बाबा फरीदपुरी, पश्चिमी पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348, 8447673015, 9716654047 

email: humsabsathsath@gmail.com

Wednesday, March 23, 2011

अंधविश्वास व समाज में व्याप्त ढकोसलों पर रचनाएं आमंत्रित:

हम सब साथ साथ पत्रिका का जुलाई-अगस्त, 2011 अंक अंधविश्वास व समाज में व्याप्त ढकोसलों पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए इनकी कल और आज की स्थिति, तीज-त्यौहारों, विभिन्न धर्म, संप्रदायों में अंधविश्वास/ढकोसलों का स्थान, समाज पर उनका प्रभाव एवं दुष्परिणामों आदि पर केंद्रित सारगर्भित व चिंतन-मनन योग्य उत्कष्ट प्रकाशन सामग्री (मुद्दा, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, कविताएं आदि) आमंत्रित हैं। इसी अंक के विचार-विमर्श स्तंभ हेतु ‘क्यों हैं अंधविश्वास व ढकोसले हमारे जीवन के संगी-साथी?’ विषय पर सारगर्भित विचार गद्य (250 शब्दों में) या पद्य (150 शब्दों में पासपोर्ट आकार के साफ फोटोग्राफ सहित प्रेषित करें। ‘हम सब साथ साथ’ को पहली बार अपनी रचनाएं भेजते समय कृपया अपना परिचय व पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ अवश्य भेजें।
अंतिम तिथिः 30 मई, 2011
निर्णय की सूचना या रचना की वापसी हेतु जवाबी पोस्टकार्ड/ लिफाफा संलग्न
किया जा सकता है।
पताः संपादक-हम सब साथ साथ पत्रिका, 916, बाबा फरीदपुरी, वेस्ट पटेल नगर,
नई दिल्ली-110008 मो. 9868709348 एवं 9716654047
email: humsabsathsath@gmail.com, hsss2004@indiatimes.com